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मुंबई: सचिन तेंदुलकर के सन्यास को लेकर चल रही हाईप जब अपने चरम पर पहुंच गयी है तब भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आज कहा कि इस सीनियर बल्लेबाज को ‘अपने अंतिम टेस्ट मैच का पूरी तरह लुत्फ उठाना चाहिए’ क्योंकि विदाई मैच में शतक की ‘कोई गारंटी’ नहीं है, जिसकी उम्मीद उनके सभी प्रशंसक कर रहे हैं। भारतीय टीम दूसरे और अंतिम टेस्ट में वेस्टइंडीज से भिडऩे को तैयार है और धोनी से सिर्फ तेंदुलकर के बारे में ही सवाल पूछे गए जो इस टेस्ट के अंत में सन्यास लेंगे।

धोनी से आज यहां मैच की पूर्व संध्या पर सन्यास लेने वाले महान खिलाड़ी के बारे में कई सवाल पूछे गये और भारतीय कप्तान ने व्यवहारिक जवाब देते हुए कहा, ‘‘मैं चाहूंगा कि तेंदुलकर अपने अंतिम टेस्ट मैच में खेल का लुत्फ उठाएं। आप उनसे शतक, दोहरा शतक या तिहरा शतक चाहते हो, लेकिन आप प्रदर्शन की गारंटी नहीं ले सकते।’’ लेकिन धोनी निश्चित रूप से ‘मैन विद द गोल्डन आर्म’ तेंदुलकर से कुछ विकेट चाहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘यह उनका अंतिम टेस्ट मैच है, मैं चाहता हूं कि वह इसका पूरी तरह से लुत्फ उठाएं और हमारे लिए कुछ विकेट हासिल करें। इसमें मजा आएगा क्योंकि विकेट पर कुछ टर्न और उछाल है।’’ यह तो निश्चित ही था कि सारे सवाल परोक्ष या अपरोक्ष रूप से तेंदुलकर से संबंधित थे लेकिन धोनी ने जोर दिया कि ‘ध्यान सिर्फ मैच पर है’ क्योंकि ‘ध्यान भंग करने का कोई मतलब’ नहीं है।