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नई दिल्ली: उडन सिख मिल्खा सिंह के बाद पूर्व भारतीय चयनकर्ता प्रमुख चंदू बोर्डे ने भी कहा है कि क्रिकेट से संन्यास लेने जा रहे सचिन तेंदुलकर को भविष्य में देश का खेल मंत्री बनाया जाना चाहिए। मिल्खा ने रोहतक में भारतीय प्रबंध संस्थान (आईएमएम) के कार्यक्रम के दौरान सचिन को देश का खेल मंत्री बनाने की मांग उठाई थी।

 उसी बात को आगे बढाते हुए पूर्व भारतीय क्रिकेटर और सचिन के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने के समय टीम के मैनेजर रहे बोर्डे ने कहा ‘मुझे नहीं लगता कि सचिन कभी खुद को खेलों से दूर रख पाएंगे। खेल उनके रोम-रोम में बसे हैं।’ बोर्डे ने कहा ‘मेरी इच्छा है कि वह भविष्य में देश के खेल मंत्री बनें और उसी तरह भारतीय खेलों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उठाएं जिस तरह उन्होंने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयां दी। मेरा मानना है कि यह केवल मेरी ही नहीं बल्कि हर भारतीय की इच्छा होगी।’

उन्होंने कहा ‘सचिन क्रिकेट में हमेशा एक आदर्श रहे हैं और उन्होंने इस खेल को जेंटलमैन भावना के साथ खेला है। कई बार ऐसे वाकये हुए हैं जब अंपायरों ने उन्हें गलत आउट दिया है लेकिन ऐसे फैसलों पर उन्होंने कभी सवाल नहीं उठाया है। मुझे याद है कि 2007 में एक दौरे पर अंपायरों ने उन्हें दो अवसरों पर उस समय गलत आउट दिया था जब वह 90 रन के आसपास थे। बाद में अंपायरों ने ड्रेसिंग रूम में आकर सचिन के सामने अपनी गलती स्वीकारी थी। लेकिन सचिन के मन में उनके प्रति कोई दुराभाव नहीं था और वह सिर्फ अपने खेल को सुधारने पर ध्यान केन्द्रित करना चाहते थे।’

 बोर्डे ने कहा ‘जब सचिन जैसा आले दर्जे का क्रिकेटर ऐसा विनम्र व्यवहार करता है तो उनका यह व्यवहार उन क्रिकेटरों के लिए एक आदर्श होना चाहिए जो अपनी भावनाओं को नियंत्रित नहीं कर पाए। सचिन अपनी इन्हीं विशेषताओं से युवाओं के लिए आइकन बने।’