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बैकानूर: सोच्चि में अगले साल फरवरी में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक खेलों की मशाल को अंतरिक्ष से सोयूज यान के जरिए आज धरती पर वापस लाया गया। रूसी और नासा टेलीविजन की फुटेज में इस यान को कजाख के एक क्षेत्र में उतरते हुए दिखाया गया है। इस मशाल को लेकर रूस के फियोडोर युर्चीकिन, अमेरिकी कारेन नाईबर्ग और इटली के लुकापारामितानों लेकर आए हैं। इन तीनों ने अंतरिक्ष में 166 दिन बिताए हैं।

रूस के मिखाइल ताइयूरिन, अमेरिका के रिक मस्त्राशियों और जापान के कोइची वकाता ने गुरुवार को ओलंपिक मशाल को लेकर बैकानूर कास्मोड्रोम से सोयूज राकेट के जरिए आईएसएस के लिए उड़ान भरी थी। इस मशाल को लेकर अंतरिक्ष यात्रियों ने शनिवार को अंतरिक्ष में चहलकदमी की थी। यह पहला मौका था जब ओलंपिक मशाल को यान से बाहर निकालकर अंतरिक्ष में घुमाया गया। रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन इन खेलों के आयोजन से दुनिया को अपने देश की ताकत से परिचित कराना चाहते हैं।

ओलंपिक मशाल को 1996 और 2000 में भी अंतरिक्ष में ले जाया गया था लेकिन तब इसे यान तक ही सीमित रखा गया था। धरती पर लौटने के बाद मशाल का देशभर में 65000 किलोमीटर का सफर फिर से शुरु हो जाएगा। मशाल उत्तरी ध्रुव की यात्रा कर चुकी है। अब इसे यूरोप के सबसे ऊंचे शिखर माऊंट एल्ब्रस और साइबेरिया की बैकल झील की गहराइयों में ले जाने की योजना है। फरवरी में इससे ओलंपिक ज्योति को प्रज्ज्वलित किया जाएगा।