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लंदन: रोजर फेडरर ने कहा कि टेनिस उनके डीएनए में है और इस साल लगातार खराब प्रदर्शन के बावजूद उनका संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है। सत्रह बार के ग्रैंडस्लैप चैंपियन फेडरर को इस साल कई हार झेलनी पड़ी। एटीपी विश्व टूर फाइनल्स के सेमीफाइनल में राफेल नडाल से हारने के बाद उनके लिये सत्र का अंत भी सुखद नहीं रहा। लगभग एक दशक तक पुरूष टेनिस पर राज करने वाले फेडरर को सलाह दी जाने लगी कि उन्हें संन्यास लेकर अपनी जुड़वां बेटियों के साथ समय बिताना चाहिए लेकिन इस दिग्गज टेनिस खिलाड़ी ने कहा कि यह विकल्प नहीं है क्योंकि इस खेल के प्रति उनका लगाव पहले की तरह बना हुआ है।

फेडरर ने कहा, ‘‘मेरे लिये टेनिस आज भी वही है जो बचपन में हुआ करता था। यह ऐसा खेल है जो मेरे डीएनए में रहा। यह सही है कि जब मैं 12 साल का था तब से आज में अंतर है लेकिन मैं खेल का पूरा लुत्फ उठा रहा हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बात यह है कि आप कब खेलना छोड़ेंगे। अभी आप युवा हो तो फिर क्यों इतनी जल्दी खेलना छोड़ेंगे। केवल इसलिए संन्यास क्यों लिया जाए क्योंकि मुझे टेनिस के अलावा जिंदगी में और काम भी करने हैं। यदि मुझे अब भी किसी एक को चुनना हो तो मैं खेल का चयन करूंगा। जब तक मेरी यह पसंद बनी रहेगी, मैं खेलना जारी रखूंगा।’’