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नई दिल्ली: भारतीय महिला हॉकी टीम को जापान के काकामिगाहारा में तीसरे एशियन चैंपियन्स ट्रॉफी टूर्नामेंट में शनिवार को मेजबान जापान से 0-1 की पराजय झेलकर रजत पदक से संतोष करना पडा। भारतीय टीम मैच के दूसरे मिनट में ही पिछड गयी और काफी कोशिशें करने के बावजूद अंत तक बराबरी नहीं हासिल कर सकी।

ओत्सुका शिहो ने दूसरे मिनट में पेनल्टी कार्नर को गोल में बदला। यह गोल अन्तत: मैच विजयी साबित हुआ। भारतीय महिला टीम के लिए संतोष की बात यही रही कि उसकी गोलकीपर रजनी एतिमारपू को टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर घोषित किया गया। भारतीय टीम को इसके अलावा फेयर प्ले ट्रॉफी भी मिली। दूसरे मिनट में पिछडने के बाद भारत को आठवें मिनट में बराबरी हासिल करने का अच्छा मौका मिला लेकिन भारतीय खिलाडी पेनल्टी कार्नर को गोल में नहीं बदल सकीं।

जापान ने इसके बाद अगले 10 मिनट में तीन पेनल्टी कार्नर हासिल किए लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति और गोलकीपर ने मुस्तैदी दिखाते हुए तीनों खतरों को टाल दिया। जापानी टीम आधे समय तक 1-0 से आगे थी। जापान को 50वें मिनट में एक और पेनल्टी कार्नर मिले लेकिन भारतीय गोलकीपर ने इसे बचा लिया। भारतीय महिलाओं ने अंत तक संघर्ष किया मगर अपनी हार नहीं बचा सकीं। जापान ने आखिरी लीग मैच में भी भारत को हराया था।