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बेंगलूर: नागपुर में 6 विकेट से मिली धमाकेदार जीत से उत्साहित टीम इंडिया शनिवार को जब यहां एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में आस्ट्रेलिया के खिलाफ 7वें और अंतिम वनडे में उतरेगी तो उसका लक्ष्य जीत के साथ सीरीज पर कब्जा करना होगा।

भारत ने नागपुर में बुधवार को छठे वनडे में 351 रन के स्कोर को सफलतापूर्वक पार करते हुए अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया था और सीरीज में 2-2 से बराबरी हासिल कर ली थी। सीरीज में टीम इंडिया 2 बार 350 रन से अधिक के लक्ष्य को 2 बार हासिल कर चुकी है और एक बार फिर टीम की नैया पार लगाने की जिम्मेदारी बल्लेबाजों पर ही होगी।

भारतीय बल्लेबाजी इस समय चरम पर है और बड़े से बड़ा लक्ष्य भी उसके सामने बौना साबित हो रहा है। रोहित शर्मा, शिखर धवन, विराट कोहली और महेन्द्र सिंह धोनी जबरदस्त फार्म में हैं लेकिन युवराज सिंह, सुरेश रैना और रवीन्द्र जडेजा से भी टीम को खासी उम्मीदें रहेंगी। जहां तक ओपनिंग का सवाल है तो रोहित और शिखर के रूप में टीम को ऐसी सलामी जोड़ी मिली है जो ठोस सांझेदारी से बाकी बल्लेबाजों का काम आसान कर रही है।

जयपुर और नागपुर में उन्होंने ओपनिंग में शानदार सांझेदारी करते हुए विराट को बिना किसी दबाव के खेलने का मौका दिया था। तीसरे नंबर पर विराट ने अब तक जो विराट प्रदर्शन किया है उससे उन्हें भविष्य का सचिन तेंदुलकर माना जा रहा है बल्कि कई क्रिकेट पंडितों ने तो उन्हें सचिन से भी बेहतर करार दे दिया है। अगले सप्ताह 25 साल के होने जा रहे विराट 17 वनडे शतक लगा चुके हैं जिनमें से भारत ने 16 में जीत दर्ज की है।

लक्ष्य का पीछा करते हुए उनका औसत 80 से ऊपर है और वह बेहतरीन फिनिशर के रूप में उभरे हैं। भारत के शीर्ष 3 बल्लेबाज तो जबरदस्त फार्म में हैं लेकिन इन तीनों पर अत्यधिक निर्भरता टीम के लिए नुक्सानदेह भी हो सकती है। रैना और युवराज पिछले मैच में बुरी तरह फ्लाप रहे थे। युवराज तो सीरीज में 2 मैचों में खाता भी नहीं खोल पाए हैं। ऐसे में उनके लिए बेंगलूर वनडे में अच्छी पारी ‘लाइफलाइन’ का काम कर सकती है।

भारत ने पिछले मैच में लैग स्पिनर अमित मिश्रा को पहली बार मौका दिया था लेकिन वह 10 ओवर में 78 रन लुटाकर एक भी विकेट हासिल नहीं कर पाए थे। युवा तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने हालांकि अच्छी गेंदबाजी करते हुए 8 ओवर में केवल 42 रन दिए थे।
ईशांत शर्मा की जगह उतारे गए मोहम्मद शमी ने 8 ओवर में 66 रन लुटाए थे। कुल मिलाकर बेंगलूर में भारतीय गेंदबाजों के पास अपने प्रदर्शन से प्रभावित करने का सीरीज में आखिरी मौका रहेगा।

जहां तक आस्ट्रेलिया का सवाल है तो उसके बल्लेबाजों खासकर कप्तान जार्ज बैली ने अपने प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया है। उन्हें इंगलैंड के खिलाफ घरेलू एशेज सीरीज के लिए टैस्ट टीम में लिए जाने की भी मांग उठ रही है। नागपुर वनडे में उन्होंने गजब की बल्लेबाजी करते हुए 114 गेंदों में 13 चौके और 6 छक्के उड़ाते हुए 156 रन की पारी खेली थी। आस्ट्रेलिया के पास 9वें नंबर तक अच्छे बल्लेबाज हैं।