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नई दिल्ली: सहारा समूह के अध्यक्ष सुब्रत राय सहारा ने आईपीएल की टीम पुणे वारियर्स की फ्रेंचाइजी को रद्द करने के निर्णय पर नाराजगी जताते हुये भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।

पुणे फ्रेंचाइजी के मालिक सुब्रत राय ने चेन्नई सुपर किंग्स और उसके टीम प्रिंसिपल गुरुनाथ मेईयप्पन के सट्टेबाजी मामले का जिक्र करते हुये कहा कि मुंबई पुलिस के गुरुनाथ पर आरोपों के बावजूद भी चेन्नई को क्लीन चिट दे दी गई जबकि पुणे वारियर्स के साथ बोर्ड ने अलग रवैया अपनाया है। वर्ष 2014 के लिये बैंक गारंटी देने में असमर्थ रहने पर बीसीसीआई ने हाल ही में पुणे वारियर्स की फ्रेंचाइजी रद्द कर दी थी।

सुब्रत राय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बोर्ड एक टीम के लिये अलग और दूसरी टीम के लिये अलग रणनीति अपनाता है। उन्होंने कहा ‘यदि किसी संस्था का प्रमुख ही ऐसे रवैया अपनाएगा तो उस संस्था को काम करने का कोई हक नहीं है। यदि गुरुनाथ किसी और टीम के प्रमुख होते तो क्या बीसीसीआई उनके साथ ऐसा ही व्यवहार करती। बोर्ड अपने हिसाब से काम करता है।’

गौरतलब है कि आईपीएल के 2014 के संस्करण के लिये सहारा को 170.2 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी देनी थी। लेकिन फ्रेंचाइजी गत वर्ष भी करीब 70 प्रतिशत का भुगतान नहीं कर पायी थी जिसके बाद बीसीसीआई ने मई में सहारा की बैंक गारंटी को भुना लिया था। इसके बाद से ही सहारा और बीसीसीआई में विवाद चल रहा है।

सहारा ग्रुप प्रमुख ने कहा ‘मैं खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा हूं। बोर्ड इस बारे में बैठकर बात करता तो हम भारतीय टीम के साथ भी अपने प्रायोजन को जारी रख सकते थे।’ 26 अक्टूबर को बीसीसीआई की कार्यकारी समिति में पुणे की फ्रेंचाइजी को रद्द करने का निर्णय लिया गया था।