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भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी युवराज सिंह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 77 रन की मैच जिताऊ पारी खेलने के बाद पूरी तरह से खुश नहीं है। इसकी वजह है सचिन तेंदुलकर का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेना। सचिन ने गुरुवार को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। युवी सचिन के संन्यास से खुश नहीं है और उन्होंने यह तय कर लिया है कि वे सचिन को जाने ही नहीं देंगे, सचिन का पांव पकड़ लेंगे ताकि वो ड्रेसिंग रूम से बाहर न निकल सकें।

सचिन अपना 200वां टेस्ट मैच खेलकर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को पूरी तरह से अलविदा कह दें। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में युवराज सिंह ने कहा, ‘मैं नहीं जानता कि खुश हूं या दुखी। मेरे बल्ले से रन निकले इसलिए खुश हूं, पर सचिन रिटायर हो रहे हैं इसलिए निराश भी। मुझे इस बात की खुशी है कि वेस्टइंडीज ए के खिलाफ शुरु हुआ शानदार प्रदर्शन अब भी जारी है।’

युवी ने कहा, ‘मैं अपनी इस पारी को सचिन तेंदुलकर को समर्पित करता हूं, उम्मीद करता हूं कि अपनी बात सचिन से फोन पर भी कह सकूंगा। इतना तो मैं कर ही सकता हूं। मैं अपनी मां को भी यह पारी जरूर समर्पित करूंगा। उन्होंने मेरी वापसी के लिए बहुत मिन्नतें मांगी है।’ युवी ने कहा, ‘सचिन के बारे में कहने के लिए इतना कुछ है, शायद वे भारत के सबसे महान क्रिकेटर है। इस क्रिकेटर के लिए रिकॉर्ड ही सबकुछ नहीं है, वे एक बेहतरीन इंसान हैं। क्रिकेट के वर्ल्ड एंबेसेडर, उनका संन्यास पूरे देश के लिए एक भावुक क्षण होगा।’

युवी ने बताया कि वे सचिन का आखिरी मैच जरूर देखेंगे। उन्होंने कहा, ‘सचिन हमेशा मेरे लिए बहुत स्पेशल रहेंगे। भरोसा है कि मुझे उनके साथ खेलने का मौका मिलेगा और अगर मैं टीम में नहीं भी रहा तो स्टेडियम में जाकर उनका आखिरी मैच जरूर देखूंगा।’