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चेन्नई: ललित मोदी से मुक्ति पाने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने अपने कार्यकाल को एक साल आगे बढाने के लिए बोर्ड के सदस्यों को रिझाना शुरु कर दिया है। कई तरह की परेशानियों में घिरे श्रीनिवासन का दो साल का कार्यकाल खत्म हो रहा है और एक साल के विस्तार के लिए वह 29 सितंबर को होने वाली बीसीसीआई की वार्षिक आम सभा में फिर से चुनाव लडना चाहते हैं।

बुधवार को हुई विशेष आम बैठक में मोदी को सर्वसम्मति से बोर्ड से निष्कासित कर दिया गया लेकिन श्रीनिवासन को अच्छी तरह पता है कि वार्षिक आम बैठक में उनके लिए ऐसा समर्थन जुटाना आसान नहीं होगा। श्रीनिवासन ने बोर्ड सदस्यों के लिए ऐतिहासिक शहर महाबलीपुरम में तीन दिनों का सैर सपाटे का कार्यक्रम रखा है जिसमें एक तिहाई सदस्य हिस्सा ले रहे हैं। बोर्ड के एक सदस्य ने बताया कि कुछ सदस्य तिरुपति जा रहे हैं जबकि कुछ ने चेन्नई में ही रहने का फैसला किया है।

बीसीसीआई के दो पूर्व अध्यक्ष शशांक मनोहर और शरद पवार ने अभी तक अध्यक्ष पद का चुनाव लडने की कोई घोषणा नहीं की है लेकिन अगर वह ऐसा करते भी हैं तो भी श्रीनिवासन के जीतने के आसार ज्यादा हैं। बोर्ड के नियमों के अनुसार किसी दूसरे क्षेत्र के उम्मीदवार को अपनी दावेदारी पेश करने के लिए मौजूदा अध्यक्ष के क्षेत्र के कम से कम दो सदस्यों का समर्थन होना जरूरी है।

माना जा रहा है कि श्रीनिवासन को दक्षिण क्षेत्र के सभी छह सदस्यों तमिलनाडु, आंध्र, हैदराबाद, केरल, कर्नाटक और गोवा का समर्थन हासिल है। अगर पवार अंतिम क्षणों में कोई खेल न करें तो श्रीनिवासन की जीत पक्की है।