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बुडापेस्ट: एशियाई चैम्पियन अमित कुमार ने आज यहां 55 किग्रा के फाइनल में जगह बनाकर विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप के पहले दिन भारत के लिए रजत पदक जीता। फिटनेस संबंधी मुद्दे के कारण लंदन ओलंपिक खेलों के रजत पदक विजेता सुशील कुमार के टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाने के बाद अमित ने भारतीय खेमे को जश्न मनाने का मौका दिया।

उन्होंने सेमीफाइनल में तुर्की के सेजार अकगुल को हराया। लेकिन फाइनल में ईरान के हसन फरमान रहीमी से हार गए। भारत ने पुरूष वर्ग में अपना पिछला पदक 2010 में जीता था जब सुशील ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। अन्य भारतीयों में अरूण कुमार (66 किग्रा) और सत्यव्रत कादियान (96 किग्रा) टूर्नामेंट से बाहर हो गए।

सुशील की जगह 66 किग्रा वर्ग में उतरे अरूण पहले दौर की बाधा पार करने में भी विफल रहे जबकि विश्व जूनियर कांस्य पदक विजेता सत्यव्रत को यहां पैप लाजलो स्पोर्ट्स एरेना में दूसरे दौर में हार झेलनी पड़ी। दुनिया के सातवें नंबर के खिलाड़ी अमित ने हालांकि तुर्की के अपने विरोधी को कोई मौका नहीं दिया और पहले चरण में ही जीत दर्ज करके फाइनल में जगह बना ली।

अकगुल के पास अमित की तेजी का कोई जवाब नहीं था। भारतीय पहलवान ने चार तकनीकी अंक भी हासिल किए। इससे पहले उन्होंने जापान, फ्रांस और अमेरिका के पहलवानों को हराकर अच्छी शुरूआत की थी। प्रतियोगिता में पदक के प्रबल दावेदार अमित ने पहले दौर में जापान के याशुहीरो इनाबा जबकि दूसरे दौर में फ्रांस के जोहेर अल ओराक को हराया।

क्वार्टर फाइनल में भी अमित ने अमेरिका के अपने प्रतिद्वंद्वी एंजेल एलेस्मो एस्कोबेडो के खिलाफ आसान जीत दर्ज की। इससे पहले सत्यव्रत ने श्रीलंका के मादसिंग अच्छिलागे गामिनी को हराकर अच्छी शुरूआत की लेकिन अगले दौर में उन्हें निकोलेई सेबान के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ा। दूसरी तरफ अरूण पहले दौर में ही जार्जिया के लेवान केलेकशाविली के हाथों हार के साथ प्रतियोगिता से बाहर हो गए।

टूर्नामेंट में शुरू से ही सुशील के प्रतिनिधित्व को लेकर अनिश्चितता थी। दो बार का यह ओलंपिक पदक विजेता हालांकि शुरूआत से ही कहता आ रहा था कि फिटनेस सही रहने पर वह टूर्नामेंट में हिस्सा लेगा। पिछले साल लंदन में पदक जीतने के बाद सुशील ने कंधे की चोट के कारण किसी टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया है। (एजेंसी)