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कोलकाता: पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने सफलता और असफलता दोनों देखी हैं और बंगाल के इस शीर्ष क्रिकेटर ने आज यहां राज्य की अंडर 19 टीम के साथ अपने अनुभव बांटे। क्रिकेटरों को सचिन तेंदुलकर के नक्शेकदम पर चलने के लिए कहते हुए गांगुली ने युवाओं से कहा कि उन्हें अपने खेल के प्रति एकाग्र और प्रतिबद्ध रहना चाहिए। क्रिकेटर के जीवन की तुलना मुक्केबाज से करते हुए गांगुली ने कहा, ‘‘क्रिकेटर का जीवन रिंग में मुक्केबाज की तरह होता है। आपको मुक्के खाने के बावजूद एकाग्र और मजबूत रहना होता है।’’

आलोचकों ने हाल में भले ही तेंदुलकर के खिलाफ कड़ी टिप्पणियां की हों लेकिन गांगुली ने कहा, ‘‘उन्हें याद रखना चाहिए कि 327 पारियों में तेंदुलकर ने 51 शतक और 67 अर्धशतक जड़े हैं। वह अधिकांश वक्त उस समय बल्लेबाजी को आता है जब टीम संकट में होती है और तीन विकेट गंवा चुकी होती है। तीन चीजें- आत्मविश्वास, अभ्यास और धैर्य सबसे अहम चीजें हैं।’’