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नई दिल्ली: ओलम्पिक में दो बार के पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार के अनुसार निलंबित चल रहे भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) को अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) के सभी नियम एवं शर्तों को मान लेना चाहिए। सुशील कुमार ने गुरुवार को कहा कि ओलम्पिक में भारत की वापसी के लिए आईओए को आईओसी के सभी सुझाव मान लेने चाहिए।

सुशील कुमार ने आगे कहा कि भारतीय खिलाडिय़ों की भलाई के लिए भारतीय खेल संघों एवं आईएओ की प्रशासनिक गतिविधियों से आरोपित अधिकारियों को दूर रखना चाहिए। ओलम्पिक-2008 में कांस्य पदक तथा ओलम्पिक-2012 में रजत पदक जीतने वाले सुशील कुमार ने सवालिया लहजे में कहा, ‘‘अगर पूरी दुनिया आईओसी के नियमों को मानती है, तो हम क्यों नहीं? आरोपित अधिकारियों को खेल प्रशासन से दूर रखने में आखिर नुकसान क्या है?’’

सुशील ने आगे कहा, ‘‘हम जहां भी खेलने जाते हैं, हम भारत का ही प्रतिनिधित्व करते हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है। तिरंगे का हमारे लिए बहुत बड़ा महत्व है। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में हम तिरंगे के तले नहीं खेल सकते, और न ही पदक जीतने पर हमारे देश का राष्ट्रगान ही बजाया जाएगा।’’ सुशील की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब आईओसी ने आईओए के आरोपित अधिकारियों का कार्यकाल जारी रखने की इजाजत दिए जाने के अनुरोध को ठुकरा दिया है।

आईओसी के कार्यमंडल की बुधवार को ब्यूनस आयर्स में हुई बैठक में लिए गए निर्णय अनुसार, आईओए आरोपित अधिकारियों को हटाने के लिए अपने संविधान में जब तक संशोधन नहीं करती है तब तक उस पर लगा प्रतिबंध नहीं हटाया जा सकता।