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हैदराबाद: पूर्व भारतीय कोच गैरी कर्स्टन को इंडियन प्रीमियर लीग के सातवें सत्र के लिए दिल्ली डेयरडेविल्स का मुख्य कोच नियुक्त किया गया। दक्षिण अफ्रीका के इस 45 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर को टीम का भाग्य बदलने के लिए कोच बनाया गया है क्योंकि आईपीएल की सबसे लोकप्रिय फ्रेंचाइजी पिछले सत्र में आठवें स्थान पर रही थी।

कर्स्टन ने राष्ट्रीय टीम को 2011 में विश्व कप में जीत दिलाई थी और टेस्ट टीम को नंबर एक स्थान पर ले गए थे। हालांकि सहयोगी स्टाफ वही रहेंगे जिसमें एरिक सिमन्स सहायक कोच के तौर पर काम कर रहे हैं। टी ए शेखर टीम के मेंटर बने रहेंगे। मुश्ताक अहमद के भी एक बार फिर स्पिन सलाहकार बनने की उम्मीद है।

कर्स्टन ने से कहा, ‘‘भारत और दक्षिण अफ्रीका दो अंतर्राष्ट्रीय टीमों के साथ काम करने के बाद दिल्ली डेयरडेविल्स टीम के साथ काम करना सम्मान की बात है। मैंने हमेशा ही कहा है कि अच्छी टीम तैयार करना एक प्रक्रिया होती है और मैं क्रिकेट की फ्रेंचाइजी के साथ नई चुनौती की जिम्मेदारी उठाने को तैयार हूं।’’ उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पुराने मित्र सिमन्स की वजह से ही उन्हें मुख्य कोच के पद की पेशकश की गई।

 

विराट बेजोड़ खिलाड़ी

गैरी कर्स्टन को हमेशा से विश्वास था कि असाधारण प्रतिभा का धनी विराट कोहली ‘बेजोड़ क्रिकेटर’ बनेगा और दक्षिण अफ्रीकी कोच खुद को भाग्यशली मानते हैं कि वह प्रगति की इस प्रक्रिया का हिस्सा रहे।

कर्स्टन ने कहा, ‘जब मैंने विराट के साथ काम शुरू किया तो हमेशा मुझे अलग तरह का अहसास होता था। शुरूआत से ही मुझे भरोसा था कि वह बेजोड़ प्रतिभा का धनी है और महान खिलाड़ी बनेगा। पिछले कुछ वर्षों में उसने काफी प्रगति की है और काफी परिपक्व हुआ है। मैं भाग्यशाली हूं कि उसकी प्रगति की प्रक्रिया का साक्षी बना और इससे मुझे काफी संतोष मिलता है।’

जब कर्स्टन से पूछा कि सचिन तेंदुलकर जब ढाई दशक के अपने करियर के बाद संन्यास लेंगे तो क्या कोहली उनकी जगह लेने में कामयाब रहेंगे, तब कर्स्टन ने इस संबंध में काफी सतर्क होकर जवाब देते हुए कहा कि, ‘उस जगह (तेंदुलकर का विकल्प) पर किसी को भी रखते समय मैं हमेशा काफी सतर्क रहता हूं। यह काफी खतरनाक जगह है और किसी का भी नाम लेना जोखिम भरा है। यह आप लोग (मीडिया) करते हो लेकिन मैं ऐसा नहीं करूंगा।’