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नई दिल्ली: क्रिकेट के ‘भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के संन्यास को लेकर सस्पेंस गहराता जा रहा है और मास्टर ब्लास्टर राष्ट्रीय बहस के इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोडने को तैयार नहीं है। क्रिकेट को जुनून की हद तक प्यार करने वाले सचिन के लिए यह फैसला करना आसान नहीं होगा कि जिस खेल में मात्र 16 वर्ष की किशोर उम्र में उन्हें देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला उसे वह 24 वर्ष के लम्बे अंतराल के बाद कैसे और किस तरह अलविदा कहें।

हालांकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अपनी तरफ से सचिन को यह संकेत दे दिया है कि उनके लिए अब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को पूरी तरह से अलविदा कहने का समय आ गया है। लेकिन इस बात का निर्णय खुद सचिन को ही करना है कि वह घरेलू जमीन पर 200 वां टेस्ट खेलकर संन्यास लेंगे या अपनी तरफ से संन्यास के लिए समय सीमा तय करेंगे।