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नई दिल्ली: अर्जुन पुरस्कार जीतने वाले गोल्फरों की श्रेणी में शामिल हुए गगनजीत भुल्लर ने कहा कि यह सम्मान उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा जबकि इससे युवा भी इस खेल से जुडऩे के लिए प्रेरित होंगे। भुल्लर देश का दूसरा सर्वोच्च खेल सम्मान पाने वाले 17वें गोल्फर और भारतीय पेशेवर गोल्फ टूर पीजीटीआई के आठवें सदस्य हैं।

भुल्लर ने कहा,‘‘यह मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत गौरव की बात है। मैं भारत सरकार को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने इस तथ्य को मान्यता दी कि भारतीय गोल्फर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करके देश को गौरवांवित कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा,‘‘यह उस कड़ी मेहनत का नतीजा है जो पिछले कई वर्षों में मैंने की है। यह पुरस्कार सिर्फ मुझे बड़ी सफलताएं हासिल करने के लिए प्रेरित नहीं करेगा बल्कि देश के युवा गोल्फरों को कड़ी मेहनत करके शीर्ष स्तर पर सफल होने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करेगा।’’

अतीत में पीजीटीआई के जिन सदस्यों को अर्जुन पुरस्कार मिल चुका है उनमें अली शेर 1991, अमित लुथरा 1996, हरमीत कहलों 1997, जीव मिल्खा सिंह 1999, शिव कपूर 2002, ज्योति रंधावा 2004 और अर्जुन अटवाल 2007 शामिल हैं।

वर्ष 2006 में पेशेवर बनने के बाद भुल्लर ने लगतार अच्छा प्रदर्शन किया है। इस गोल्फर ने पिछले सात साल में 14 पेशेवर खिताब अपने नाम किए हैं। इसके अलावा भुल्लर किसी मेजर चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने वाले सात भारतीयों में से एक हैं। उन्होंने 2006 में दोहा एशियाई खेलों में टीम स्पर्धा का रजत पदक भी जीता था।