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अहमदाबाद: कबड्डी की महाशक्ति और गत दो बार के चैंपियन भारत ने गजब की वापसी करते हुए चिर प्रतिद्वंद्वी ईरान को शनिवार को रोमांचक मुकाबले में 38-29 से हराकर कबड्डी विश्वकप टूर्नामेंट में खिताबी हैट्रिक पूरी कर नया इतिहास बना दिया। भारत ने लगातार तीसरी बार ईरान को कबड्डी विश्वकप के फाइनल में हराया। भारत ने 2004 में ईरान को 55-27 से और 2007 में 29-19 से हराया था। भारत ने इस बार खिताबी मुकाबला 38-29 के अंतर से जीता। भारत के जीत के सबसे बड़े हीरो रहे अजय ठाकुर जिन्होंने कमाल की रेड दिखाते हुए कुल 12 अंक बटोरकर भारत को खिताबी जीत दिलाने में सबसे महत्वपूर्ण योगदान दिया।  

भारत ने आखिरी दो-तीन मिनटों में समय गुजारने की रणनीति अपनायी क्योंकि उसके पास खिताब जीतने लायक पूरी बढ़त आ चुकी थी। नितिन तोमर ने आखिरी मिनट में सफल रेड की और भारत ने 38-29 स्कोर के साथ खिताब जीत लिया। भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत कोरिया के हाथों पराजय के साथ की थी लेकिन उसने टूर्नामेंट का समापन खिताबी जीत के साथ किया। भारत के खिताबी जीत के सूत्रधार रहे अजय ठाकुर जिन्होंने दस रेड और दो बोनस अंक सहित कुल 12 अंक जुटाये। 

नितिन तोमर ने चार रेड और दो बोनस के साथ छह अंक जुटाये। सुरजीत ने कमाल का डिफेंस दिखाते हुए तीन अंक बटोरे। संदीप नरवाल भी डिफेंस में मजबूत रहे और उन्होंने भारत के खाते में तीन अंक डाले। कप्तान अनूप कुमार ने भी तीन अंक लिये। मोहित छिल्लर ने दो और सुरेंदर नाडा ने एक अंक जुटाये। ईरान की तरफ से कप्तान मैराज शेख ने सर्वाधिक चार अंक जुटाये जबकि फजल अत्राचली और अबुलफजल माग्सोदलु ने चार-चार अंक जुटाये। ईरान को बढ़त के बाद ढिलाई दिखाना भारी पड़ा।