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सूरत ,गुजरात ( निकलेश जैन ) आज जैसे सब कुछ पदमिनी राऊत  के अनुसार ही हुआ और 6.5 अंक पर खेल रही  पदमिनी ने बेहद ही रोमांचक अंतिम मुक़ाबले में महाराष्ट्र की साक्षी चित्लांगे को पराजित करते हुए अपने हिस्से का काम तो कर दिया और ऐसे में उनके तीन प्रतिद्वंदी सौम्या स्वामीनाथन और भक्ति कुलकर्णी के मैच ड्रॉ रहने से और मीनाक्षी सुब्बारमन की अप्रयशित हार नें उन्हे 7.5 अंक पर 44वी महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप का विजेता बना दिया और लगातार चौंथी बार यह कारनामा करने वाली वह भारत की दूसरी महिला खिलाड़ी बन गई उन्होने इससे पहले 2014 में सांगली में ,2015 में कोलकाता में और 2016 में नई दिल्ली में यह खिताब अपने नाम करते हुए ख़िताबी हेट्रिक पहले ही पूरी कर की थी अब इस मामले में सिर्फ वह एयर इंडिया की विजयालक्ष्मी सुब्बारमन से पीछे है  जिन्होने 1998 से 2002 तक लगातार पाँच बार यह खिताब अपने नाम किया था । 

खैर बात करते है आज के परिणामो की तो पदमिनी नें आज बेहद ही शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए रेटी ओपनिंग में जो शुरुआत से दबाव बनाया उसका मुक़ाबला साक्षी नहीं कर सकी और 59 चालों तक चले इस मुक़ाबले में पदमिनी नें जीत दर्ज की । 

सौम्या और भक्ति के हाथो से जीत फिसली - इसे आप अंतिम राउंड का  दबाव कहे या फिर पदमिनी की किस्मत जहां सौम्या एक प्यादा अधिक होकर भी बाला कनप्पा से जीत नहीं ले सकी और भक्ति बंगाल की समृद्धा  घोष से बेहतर स्थिति को जीत में नहीं बदल सकी और मैच बराबरी पर छूटा । 

 

मीनाक्षी की हार बनी बड़ी कारण - पिछले दो मैच में अंक तालिका के सबसे पीछे के दो खिलाड़ियों की हार नें दिखाया की जैसे ही यह लगा की की मीनाक्षी अब आसानी से विजेता बन जाएंगी वह दबाव के आगे बिखर गयी और उनके खेल का स्तर नीचे आ गया । और आज की उनकी श्रष्ठि पांडे के हाथो हार में उनकी बेजा गलतियों के अलावा श्रष्ठि के अच्छे खेल का भी योगदान रहा । 

 

इस प्रकार अंतिम स्थिति कुछ यूं रही । पेट्रोलियम स्पोर्ट्स बोर्ड की पदमिनी 7.5 अंक के साथ पहले स्थान पर रही ,तीन खिलाड़ी 7 अंको पर थे पर टाईब्रेक के आधार पर एयर इंडिया की भक्ति कुलकर्णी दूसरे ,पीएसपीबी की मैरी गोम्स तीसरे और सौम्या स्वामीनाथन चौंथे स्थान पर रही । एयर इंडिया की मीनाक्षी 6.5 अंक के साथ पांचवे ,6 अंक के साथ तमिलनाडू की नंधिधा छठे तो एलआईसी की स्वाति घाटे सातवे स्थान पर रही । 4.5 अंक के साथ महाराष्ट्र की साक्षी और तमिलनाडू की बाला कनप्पा क्रमशः आठवे और नौवे स्थान पर रही ,3.5 अंक के साथ बंगाल की समृद्धा  और एलआईसी की किरण मनीषा दसवे और ग्यारहवे स्थान पर रही तो अंतिम दो मैच जीतकर सारे समीकरण पलटने वाली महाराष्ट्र की श्रष्ठि 3 अंक के साथ अंतिम बारहवे स्थान पर रही ।